हंगामा है क्यों बरपा

  हंगामा है क्यूँ बरपा थोड़ी सी जो पी ली है डाका तो नहीं डाला चोरी तो नहीं की है   ना-तजरबा-कारी से वाइज़ की ये हैं बातें इस रंग को क्या जाने पूछो तो कभी पी है   (ना-तजरबा-कारी= अनुभव हीनता, वाइज= धर्म गुरू)   उस मय से नहीं मतलब दिल जिस से है... Continue Reading →

WordPress.com.

Up ↑