बंद करो ये बंद करना

आए दिन के बंद से कुछ हासिल नहीं होते दिखता कोई एक दिन देख लीजिए  चालू भी आयोजित कर। उसे लगाएं दो जूते और  जोत दीजिए कोल्हू में जो भी निठल्ला बिना काम का  खाली बैठा आए नज़र। कब तक चक्के जाम करेंगे,  ठप्प करेंगे काम काज किसी एक दिन चलने भी दें सारे चक्के  आठ प्रहर।... Continue Reading →

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