दो भाई

ये जो मेरे दो लड़के हैं कौरव पांडव से बढ़ के हैं ।इनको अच्छा लगता चिल्लाना लड़ने का यह ढूँढे बहाना।लाते-घूँसे चीख पुकार फेका-फेकी मारा मार। मुश्किल है इनको समझानाघर लगता है पागल खाना।राम लक्ष्मण होंगे महान यहां तो भारत-पाकिस्तान।लेकिन अद्भुत इन का खेल इस पल झगड़ा उस पल मेल।एक दूजे की चीजें चुराएँ आधी चॉकलेट बाँट के खाएं।ऐसा इस झगड़े का... Continue Reading →

दोस्ती

एक किताब किसी लायब्रेरी में देखी थी। मैं बच्चों के लिए खरीदना चाहती थी पर मिली नहीं। तो हमने अपनी खुद ही बना ली। कहानी उसी अंग्रेजी किताब से प्रेरित है। एक कहानी , कुछ नीली, कुछ पीली और कुछ हरी।

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